WhatsApp पर बैंक का मैसेज — "₹90,000 कट गए, YES या NO से कन्फर्म करें"
WhatsApp पर एक फर्जी बैंक अलर्ट आता है जिसमें बड़ी रकम कटने की बात कही जाती है और YES या NO में जवाब माँगा जाता है। जवाब देते ही ठग समझ जाते हैं कि नंबर एक्टिव है और फिर कॉल करके खाता साफ कर देते हैं।
इसे इन नामों से भी जाना जाता है: WhatsApp YES NO बैंक स्कैम, फर्जी बैंक डेबिट WhatsApp मैसेज, बैंक अलर्ट का जवाब देने वाला फ्रॉड
आपके साथ हो चुका है? अगले कुछ मिनटों में यह करें
1930 पर कॉल करें- 1 1930 — राष्ट्रीय साइबर-क्राइम हेल्पलाइन — पर अभी कॉल करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसा फ्रीज़ होने की संभावना उतनी ज़्यादा।
- 2 अपने बैंक को कॉल करके तुरंत खाता फ्रीज़ और कार्ड ब्लॉक कराएँ। कार्ड पर छपे नंबर का ही उपयोग करें, मैसेज या कॉल वाले नंबर का नहीं।
- 3 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और हर मैसेज, स्क्रीनशॉट व ट्रांज़ैक्शन ID सँभालकर रखें।
अभी क्या करें
- 1 किसी भी WhatsApp मैसेज को जिसमें बैंक डेबिट की बात हो, उसे कभी रिप्लाई न करें — NO लिखना भी आपके नंबर को एक्टिव बताता है
- 2 बैलेंस और ट्रांजेक्शन जाँचने के लिए सीधे अपने बैंक की ऐप खोलें या कार्ड के पीछे लिखे नंबर पर कॉल करें
- 3 अगर रिप्लाई कर चुके हैं और कॉल आए तो तुरंत काटें — कोई OTP, पासवर्ड या UPI PIN न बताएँ
- 4 अगर सच में पैसे कटे हों तो तुरंत बैंक के आधिकारिक फ्रॉड हेल्पलाइन पर कॉल करें और FIR दर्ज कराएँ
- 5 https://cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या 1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।
चेतावनी संकेत
- ⚠ असली बैंक कभी भी WhatsApp पर डेबिट अलर्ट नहीं भेजते — वे केवल रजिस्टर्ड SMS या ईमेल भेजते हैं
- ⚠ मैसेज एक साधारण +91 नंबर से आता है, बैंक के आधिकारिक शॉर्टकोड से नहीं
- ⚠ जवाब देने के कुछ ही मिनटों में एक कॉल आता है जो खुद को 'बैंक का फ्रॉड डेस्क' बताता है
- ⚠ कॉल पर OTP या नेट बैंकिंग पासवर्ड माँगा जाता है 'रिफंड के लिए'
- ⚠ कोई भी बैंक या NPCI WhatsApp पर ट्रांजेक्शन रिवर्स नहीं करता