नकली मंदिर वेबसाइट — "प्रसाद डिलीवरी फीस" लेकर कुछ नहीं भेजती
ठग राम मंदिर जैसे प्रसिद्ध मंदिरों की नकली वेबसाइट बनाते हैं और घर पर प्रसाद, मंदिर की प्रतिकृति या स्मारक सिक्के ₹51–₹999 में देने का वादा करते हैं। कोई डिलीवरी नहीं होती। एक ऐसे मामले में 6.3 लाख श्रद्धालुओं से ₹10.49 करोड़ ठगे गए; 2026 में ₹38 करोड़ का भंडाफोड़ हुआ।
इसे इन नामों से भी जाना जाता है: राम मंदिर प्रसाद डिलीवरी घोटाला, नकली ऑनलाइन प्रसाद ऑर्डर, मंदिर धर्म फ्रॉड वेबसाइट
आपके साथ हो चुका है? अगले कुछ मिनटों में यह करें
1930 पर कॉल करें- 1 1930 — राष्ट्रीय साइबर-क्राइम हेल्पलाइन — पर अभी कॉल करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसा फ्रीज़ होने की संभावना उतनी ज़्यादा।
- 2 अपने बैंक को कॉल करके तुरंत खाता फ्रीज़ और कार्ड ब्लॉक कराएँ। कार्ड पर छपे नंबर का ही उपयोग करें, मैसेज या कॉल वाले नंबर का नहीं।
- 3 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और हर मैसेज, स्क्रीनशॉट व ट्रांज़ैक्शन ID सँभालकर रखें।
अभी क्या करें
- 1 अधिकृत जानकारी के लिए केवल श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की वेबसाइट (srjbtkshetra.org) देखें
- 2 किसी भी मंदिर की ऑनलाइन सेवाओं को उनके .gov.in या ट्रस्ट वेबसाइट पर दिए आधिकारिक नंबर से सत्यापित करें
- 3 WhatsApp या Telegram पर प्रसाद से संबंधित पेमेंट लिंक पर क्लिक न करें — परिजनों को ट्रस्ट का स्पष्टीकरण भेजें
- 4 संदिग्ध धार्मिक वेबसाइट की रिपोर्ट साइबर क्राइम पोर्टल पर करें
- 5 https://cybercrime.gov.in पर रिपोर्ट करें या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें।
चेतावनी संकेत
- ⚠ कोई वेबसाइट, WhatsApp फॉरवर्ड या सोशल मीडिया पोस्ट प्रसिद्ध मंदिर से प्रसाद घर भेजने का दावा करे — राम मंदिर ट्रस्ट ने स्पष्ट किया है कि उनकी कोई ऑनलाइन प्रसाद डिलीवरी सेवा नहीं है
- ⚠ शुल्क बहुत कम हो (₹51, ₹108, ₹251) — ठग लाखों श्रद्धालुओं से छोटी रकम लेकर करोड़ों जमा करते हैं
- ⚠ वेबसाइट का domain .gov.in या .nic.in नहीं है
- ⚠ दबाव की भाषा: 'सीमित प्रसाद', 'प्रतिष्ठापना विशेष ऑफर' — यह तत्कालिकता की चाल है
- ⚠ पेमेंट के बाद कोई order confirmation, tracking number या काम करने वाला customer care नहीं