GeM पर नकली सरकारी खरीद ऑर्डर — contract जारी करने से पहले certification fees मांगी जाती हैं
ठग AI-generated सरकारी ID, नकली GeM purchase order, और spoofed official email से procurement officer बनकर ZED, NSIC या CPCP certification के नाम पर fees मांगते हैं — फिर गायब हो जाते हैं।
इसे इन नामों से भी जाना जाता है: नकली GeM टेंडर फ्रॉड, AI सरकारी टेंडर स्कैम, नकली सरकारी purchase order, ZED certification fee fraud, NSIC certificate scam India
आपके साथ हो चुका है? अगले कुछ मिनटों में यह करें
1930 पर कॉल करें- 1 1930 — राष्ट्रीय साइबर-क्राइम हेल्पलाइन — पर अभी कॉल करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसा फ्रीज़ होने की संभावना उतनी ज़्यादा।
- 2 अपने बैंक को कॉल करके तुरंत खाता फ्रीज़ और कार्ड ब्लॉक कराएँ। कार्ड पर छपे नंबर का ही उपयोग करें, मैसेज या कॉल वाले नंबर का नहीं।
- 3 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और हर मैसेज, स्क्रीनशॉट व ट्रांज़ैक्शन ID सँभालकर रखें।
अभी क्या करें
- 1 gem.gov.in पर official GeM portal से purchase order verify करें — सभी सरकारी procurement वहाँ listed होती है
- 2 सरकारी विभाग की official website पर published number से call करके verify करें — caller का दिया हुआ नंबर नहीं
- 3 कोई भी सरकारी procurement private UPI account में certification fees मांगकर PO release नहीं करती — यही scam है
- 4 अगर पैसे दे चुके हैं, तुरंत bank को call करें और 1930 पर cybercrime complaint दर्ज करें
- 5 https://cybercrime.gov.in पर report करें या 1930 (राष्ट्रीय cyber helpline) call करें।
चेतावनी संकेत
- ⚠ सरकारी विभाग अचानक supply order के लिए contact करे — असली GeM tender gem.gov.in पर publicly listed होते हैं, buyer खुद call नहीं करता
- ⚠ Purchase order release करने से पहले ZED, NSIC, CPCP, OEM fees मांगी जाएं — सरकारी procurement में ऐसा नहीं होता
- ⚠ दस्तावेज़ WhatsApp या personal Gmail से भेजे जाएं और Google Meet पर 'verification' हो — official channels नहीं
- ⚠ Government email domain .nic.in या .gov.in की बजाय gmail.com या fake domain हो
- ⚠ हर payment के बाद नई charge आए — GST, security deposit, FEMA clearance