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नकली NGO बच्चा गोद देने का वादा करके "रजिस्ट्रेशन फीस" ठग लेता है, फिर गायब

ठग NGO बनकर बच्चा गोद देने का वादा करते हैं और रजिस्ट्रेशन, बुकिंग, ट्रांसपोर्ट के नाम पर पैसे लेते रहते हैं। नकली अस्पताल दस्तावेज भेजे जाते हैं, फिर ये गायब हो जाते हैं। भारत में गोद लेना केवल CARA पोर्टल के जरिए वैध है।

इसे इन नामों से भी जाना जाता है: ऑनलाइन एडॉप्शन स्कैम, नकली NGO गोद लेने की ठगी, बच्चा गोद देने का फर्जीवाड़ा

अभी क्या करें

  1. 1 कोई भी शुल्क देने से पहले CARA की वेबसाइट cara.wcd.nic.in पर एजेंसी की जांच करें — CARA सभी अधिकृत एजेंसियों की सूची रखता है
  2. 2 किसी व्यक्ति या अपंजीकृत NGO को UPI या बैंक ट्रांसफर से गोद लेने का शुल्क कभी न दें — आधिकारिक शुल्क केवल CARA पोर्टल के माध्यम से जमा होता है
  3. 3 WhatsApp पर आए दस्तावेजों को स्वीकार न करें — फर्जी अस्पताल मुहरें और NGO रसीदें बनाना बहुत आसान है
  4. 4 अगर पहले ही पैसे दे दिए हैं तो भावनात्मक दबाव में आकर और पैसे न दें — हर नई किस्त एक और धोखा है
  5. 5 WhatsApp संदेश, कॉल लॉग, बैंक ट्रांसफर स्क्रीनशॉट और मिले दस्तावेज सुरक्षित रखें — ये शिकायत के लिए जरूरी सबूत हैं
  6. 6 https://cybercrime.gov.in पर शिकायत करें या 1930 (राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन) पर कॉल करें।

चेतावनी संकेत

  • भारत में बच्चा गोद लेना केवल CARA (cara.wcd.nic.in) के जरिए वैध है — CARA के बाहर कोई भी NGO बच्चा देने का दावा करे तो वह धोखाधड़ी है
  • रजिस्ट्रेशन, बुकिंग, ट्रांसपोर्टेशन जैसे अलग-अलग नामों से बार-बार पैसे मांगना — असली CARA में ये सभी शुल्क पोर्टल पर तय होते हैं
  • जैविक माँ से कभी मिलवाया नहीं जाता, हर बार कोई न कोई बहाना बताया जाता है
  • WhatsApp पर नकली NGO रसीदें, जाली अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट, और अस्पताल की नकली मुहरें भेजी जाती हैं
  • आखिरी भुगतान के बाद संपर्क पूरी तरह बंद हो जाता है

स्रोत

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