ठग AI से दुकान का QR कोड बदल देता है — ग्राहक का पैसा ठग के खाते में जाता है
ठग AI इमेज एडिटिंग टूल से दुकानदार के UPI QR कोड में payment destination बदल देता है — दुकान का नाम वही रहता है। दुकानदार वही image use करता है, हर ग्राहक का पैसा ठग के account में जाता है।
इसे इन नामों से भी जाना जाता है: AI QR कोड टेम्परिंग, फेक मर्चेंट QR स्कैम, QR कोड इमेज एडिटिंग फ्रॉड, UPI QR स्वैप फ्रॉड
आपके साथ हो चुका है? अगले कुछ मिनटों में यह करें
1930 पर कॉल करें- 1 1930 — राष्ट्रीय साइबर-क्राइम हेल्पलाइन — पर अभी कॉल करें। जितनी जल्दी रिपोर्ट करेंगे, पैसा फ्रीज़ होने की संभावना उतनी ज़्यादा।
- 2 अपने बैंक को कॉल करके तुरंत खाता फ्रीज़ और कार्ड ब्लॉक कराएँ। कार्ड पर छपे नंबर का ही उपयोग करें, मैसेज या कॉल वाले नंबर का नहीं।
- 3 cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें और हर मैसेज, स्क्रीनशॉट व ट्रांज़ैक्शन ID सँभालकर रखें।
अभी क्या करें
- 1 दुकानदार: अपना QR code खुद दूसरे फोन से scan करके UPI ID और merchant name verify करें — हर हफ्ते करें
- 2 WhatsApp, email या SMS से मिली कोई भी QR image इस्तेमाल न करें — QR हमेशा अपने बैंक app से खुद generate करें
- 3 अगर ग्राहक का payment नहीं आया — QR हटाएं, बैंक और साइबर पुलिस को तुरंत report करें
- 4 ग्राहक: गलत account में पैसा गया हो तो 24 घंटे के अंदर बैंक में UPI dispute raise करें
- 5 https://cybercrime.gov.in पर report करें या 1930 (national cyber helpline) पर call करें।
चेतावनी संकेत
- ⚠ कोई अनजान व्यक्ति WhatsApp पर आपका 'सही' या 'अपडेटेड' QR कोड भेजे — खुद दूसरे फोन से स्कैन करके verify करें
- ⚠ ग्राहक कह रहे हैं payment हो गया लेकिन आपके खाते में पैसा नहीं आया
- ⚠ QR स्टिकर पर दुकान का नाम आपका है लेकिन payment confirmation में UPI ID अलग दिख रहा है
- ⚠ किसी ने QR 'ठीक' करने या बनाने में 'मदद' की और image WhatsApp पर भेजी
ज्ञात प्रकार
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Toll/parking/petrol pump पर नकली QR sticker (2026): ठग FASTag toll point, parking lot और petrol pump पर official QR के ऊपर fake sticker लगाते हैं। Consumer scan करने पर ठग के account में पैसे जाते हैं। NHAI ने toll plaza पर manipulated QR चेताया; Delhi victim ने Jan 2026 में ₹5,000 गँवाए।
Last seen: 9/14/2026